Shaitaan Review: आरम्भ है प्रचंड... उसके बाद लड़खड़ा गई 'शैतान'

Ajay Devgn की फिल्म शैतान (Shaitaan Review) सिनेमाघरों में लग चुकी है। विकास बहल द्वारा निर्देशित फिल्म शैतान सुपरनेचुरल थ्रिलर है। इस फिल्म में आर माधवन टाइटल रोल में हैं। यह पहली बार है कि अजय और माधवन एकसाथ किसी फिल्म में काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विकास  बहल की भी ये पहली सुपरनेचुरल थ्रिलर है। शैतान गुजराती फिल्म वश का ऑफिशियल रीमेक है। फिल्म शैतान में ज्योतिका ने फीमेल लीड रोल निभाया है।

Shaitaan Review: आरम्भ है प्रचंड... उसके बाद लड़खड़ा गई 'शैतान'
Shaitaan Movie Review in Hindi


मूवी नाम: शैतान
IMDB रेटिंग: 7.8/10
कलाकार: अजय देवगन, ज्‍योतिका, आर माधवन, जानकी बोधीवाला, अंगद राज
निर्देशक: विकास बहल
निर्माता: अजय देवगन
लेखक: आमिल कियान खान, कृष्णदेव याग्निक
रिलीज डेट: Mar 08, 2024
प्लेटफॉर्म: सिनेमाहॉल
भाषा: हिंदी
बजट: लगभग 65-70 करोड़ रूपये (अनुमानित)

Shaitaan Review: अजय देवगन की फिल्‍म दृश्‍यम की फ्रेंचाइजी में विजय सलगांवकर (अजय देवगन) अपने परिवार को बचाने की के लिए किसी भी सीमा तक जाता है। फिल्म शैतान (Shaitaan) में भी कबीर (Ajay Devgan) का छोटा और सुखी परिवार है। लेकिन इस बार भी आफत बेटी पर ही आती है।

इस फिल्म में एक तांत्रिक है जिसके पास कुछ ऐसी शक्तियां हैं जिसकी मदद से वह किशोरियों को अपने वश में कर लेता है। अक्सर देखा जाता है कि भूतिया फ़िल्मों में वशीकरण से मुक्ति के लिए भगवान हनुमान जी का सहारा लिया जाता है, या फिर किसी ताबीज का भी सहारा लिया जाता है। लेकिन वशीकरण पर बनी इस फिल्म शैतान में अलग ही दिखाया गया है। शुरूआत में फिल्म धांसू लगती है लेकिन बाद में थोड़ा डगमगाती है।

क्या है शैतान की कहानी?

फिल्म शैतान में कबीर जो की एक चार्टर्ड एकाउंटेंट है और उसकी बेटी जानवी कक्षा 10 में पढ़ रही है, एक बेटा ध्रुव जो की 8 साल का है और पत्नी जिसका नाम ज्योति है छुट्टियाँ मनाने के लिए फॉर्महाउस जाते हैं। जाते समय ही एक अजनबी वनराज कबीर के बेटी को अपने अपने वश में कर लेता है। इसके बाद वह वनराज कबीर के फॉर्महाउस पर भी पहुंच जाता है।

वनराज के काले जादू से कबीर की बेटी जानवी अब पूरी तरह से वनराज के वश में हो जाती है। वह वनराज के सभी आदेशों का पालन करती है। इसलिए वनराज जानवी को अपने साथ ले जाना चाहता है। वह अपने आप को भगवान कहता है। अब क्या वनराज जानवी को ले जाने में सफल होगा? या कबीर अपनी बेटी को बनराज के चंगुल से बचा ले जायेगा? इसी कहानी से संबंधित यह फिल्म है।

स्क्रीनप्ले और डायलॉग?

चिल्‍लर पार्टी, क्‍वीन, शानदार और सुपर 30 जैसी बेहतरीन फिल्‍मों का निर्देशन कर चुके विकास बहल ने पहली बार सुपरनेचुरल थ्रिलर जानर को निर्देशित किया है। इस फिल्म मे उन्‍होंने शहर से दूर स्थित एक हाउस को घने जंगल और मानसून में कहानी को बहुत ही रोचक तरीके से सेट किया है।

इस फिल्म के इंटर्वल से पहले की कहानी में वशीकरण दिखाने में जोर दिया गया है। वनराज के सभी आदेशों को जानवी बड़ी शिद्दत से निभाती है। अपने भाई का सिर फोड़ना हो या पिता को थप्पड़ मारना या फिर पैंट की जिप खोलना। यह सब वशीकरण की ताकत को दर्शाता है।

Shaitaan Movie Ajay Devgan

ध्रुव का वीडियो एडिटिंग करना, ज्‍योति का मोबाइल को चावल के डिब्‍बे में छुपाना जैसे सीन इस बात का संकेत दे देते हैं कि, आगे बढ़ने पर यह खलनायक से निपटने में काम आएंगे। फिल्म के फर्स्‍ट हाफ में कहानी दर्शकों को रखती है। लेकिन मध्‍यांतर के बाद लड़खड़ाने लगती है।

वनराज से जुड़े कई सवाल हैं जिनके जवाब नहीं हैं। जैसे वह जानवी को ही ले जाने के बारे में क्यों सोचता है? जब वह जानवी को अपने वश में कर लिया है तो जानवी को ले जाने के लिए उसे कबीर और ज्‍योति की अनुमति की क्‍यों चहिए? इससे पहले भी वनराज 107 किशोरियों को अपने कब्‍जे में किया होता है। तो क्‍या सभी के माता-पिता से उसने अनुमति ली है?

आखिर वनराज अपने काम को कैसे अंजाम दे रहा है? वह सिर्फ अमीर लड़कियों को ही क्‍यों फंसा रहा है? इस बात का फिल्म में कोई जिक्र नहीं है। वनराज जब अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा होता है और अग्नि के सामने खड़े होकर खुद ही अपनी ताकत के बारे में बताता है, तो वह माहौल बिल्‍कुल भी डरावना नहीं लगता है।

कलाकारों का अभिनय?

आर माधवन पहली बार किसी निगेटिव किरदार को निभा रहे हैं। शुरु में वो प्रभाव दिखाते हैं लेकिन तांत्रिक बनने के बाद वह कुछ खास असर नहीं दिखा पाए। जिस प्रकार से तांत्रिक विलेन होना चाहिए वैसा माधवन खतारन तांत्रिक नहीं बन सके। एक अच्‍छे और लाचार पिता की भूमिका अजय देवगन के लिए कोई नया नहीं है। इसलिए यहां पर भी वह उसमें सहज दिखते हैं।

ज्‍योतिका के हिस्‍से में संवाद बहुत ही कम हैं। लेकिन जब वह वनराज से टक्कर लेती हैं तो वनराज के साथ का दृश्‍य अच्‍छा है। जानवी बनीं जानकी बोधिवाला ने मूल फिल्‍म में भी अभिनय किया है। फिल्म में कठपुतली की तरह हर आदेश का पालन करने वाली भूमिका में उनका अभिनय सराहनीय है। उन्‍होंने वशीकरण और सामान्‍य होने में संतुलन बनाए रखा है।

बाल कलाकार अंगद राज का काम भी ठीक है। फिल्‍म का बैकग्राउंड म्यूजिक डर और तनाव को बढ़ाने में बहुत अधिक मददगार नहीं साबित होते। वशीकरण के कहानी पर बनी फिल्म शैतान मध्‍यातंर के बाद कमजोर स्‍क्रीनप्‍ले की वजह से पूरी तरह से दर्शकों को अपने वश में नहीं कर पाती।