HomeShayariSad Shayari: दर्द शायरी | Sad Shayari in Hindi

Sad Shayari: दर्द शायरी | Sad Shayari in Hindi

कुछ उलझे हुए सवालों से डरता है ये दिल,
न जाने क्यों तन्हाई में बिखरता है ये दिल,
किसी को पाने की अब कोई चाहत ही न रही,
बस कुछ अपने ही हैं जिन्हें खोने से डरता है ये दिल।
एक ख्वाहिश ये भी है कि,
कोई जख्म न देखे मेरे दिल का,
लेकिन एक हसरत ये भी है कि,
काश कोई जख्म देखने वाला तो होता।
कभी जब आखिरी मुलाकात हो,
तो हंस कर देख लेना मुझे,
अगली बार हम कफन में होंगे,
दुबारा मौका न मिलेगा मुझे हंस के देखने का।

राहत इंदौरी शायरी

आँशु आ जाते हैं मेरे रोने से पहले,
हर सपने टूट जाते हैं मेरे सोने से पहले,
लोग कहते हैं कि मुहब्बत करना गुनाह है,
काश कोई तो रोक लेता मुझे मुहब्बत करने से पहले।
लौट जाती है दुनिया हमारे गमों को देखकर,
लौटती है जैसे लहरें किनारों को छोड़कर,
तुम कन्धा न देना जब मैं कफ़न में रहूँ,
मुझमें जान आ जायेगी, तेरे सहारे को देखकर।
न ये महफ़िल अजीब है, न ही अजीब है ये मंजर,
अजीब तो वो है जिसने, मेरे पीठ पे चलाया ख़ंजर,
बहुत अजीज है वो मेरा अब भी ये जानता है वो,
वो बहुत खास है इसलिए तो चला पाया ख़ंजर।
इस चार दिन की जिंदगी में अरमान बहुत है,
हमदर्द कोई न है पर इंसान बहुत हैं,
अपने दर्दे गम को सुनाऊं किसको,
कुसूर कुछ भी नहीं है पर इल्जाम बहुत हैं।
मेरे नशीब को देखकर मेरी तकदीर भी रो दी,
लहू के धार को देखकर तलवार भी रो दी,
मेरी मुहब्बत, मेरे अरमान सब धूल में पड़े हैं,
तेरी बेवफाई के सितम से वफ़ा भी रो दी।

~मेरे अल्फाज (लल्लनटॉप्स)
मैं जिसे चाहूँ वो मुझे मिल जाये ये जरूरी तो नहीं,
वो मुझे न मिली कहीं ये उसकी मजबूरी तो नहीं,
उस एक मुलाकात ने आशिक बना दिया मुझको,
जिसे नजर ढूंढ़े वो दिख जाए ये जरूरी तो नहीं।

~मेरे अल्फाज (लल्लनटॉप्स)
कुछ अधूरे से सपने, एक अधूरा सा साथ,
बस चार दिन की जिंदगी और दर्द का अहसास,
न उसकी जिक्र कर सकता हूँ, न उसको भूल पाऊंगा,
जो आंखे बंद करता हूँ तो होता है मुझे एहसास,
कुछ अधूरे से सपने, एक अधूरा सा साथ,
बस चार दिन की जिंदगी और दर्द का अहसास।

~मेरे अल्फाज (लल्लनटॉप्स)
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